Sunday, 8 May 2016

पानी

बर्फ(अकड़) और भाप (अभिमान)  दोनों पानी  (व्यक्तित्व ) के रूप है पर प्यास सिर्फ पानी (शालीनता)  ही बुझा  सकता है

 बर्फ और भाप  का कुछ ही समय का अस्तित्व होता होता जबकि पानी स्थायी है

अकड़ और अभिमान कभी आदमी को  यश नहीं दिला सकते  वो सिर्फ शालीनता से प्राप्त होता  है 

Saturday, 7 May 2016

Balance

Always balance your life ,

Earn sufficient money just for easy survival ,Do not spoil your body for  earning money in excess otherwise one day you will realize your body is not supporting you, and you will have to waste money in excess just to save your body and life.

"Don't spoil your body for earning money ,in the end you will have to spend money to save your body"

पैसा कमाने के लिए अपने शरीर को इतना बर्बाद मत करो की अंत में शरीर बचाने के लिए पैसा बर्बाद करना पड़े

अभिषेक यादव


Wednesday, 4 May 2016

covered book

इस दुनिया में सब कुछ आपकी उपस्थिति और अनुपस्थिति पर  निर्भर करता है
ज़रूरी  नहीं हैं की आप मे बहुत प्रतिभा हो तभी आप प्रभावी दिखेंगे , आपमें बस  इतनी  प्रतिभा हो जो आपके बारे में लोगो की उत्सुकता बढ़ाये ,उसके लिए ज़रूरी है की आप कम बोलें और कम से कम उपस्थित रहें।
 आप जितना ज़्यादा दिखते हैं और बोलते हैं आपका महत्व उतना ही कम हो जाता है ,लोगों को आपकी आदत पड़ जाती है फिर चाहे आप विवधता और दिलचस्प होने की कितनी ही कोशिश कर लें , लोग आपका कम सम्मान करने लगते हैं इससे पहले की लोग आपकी उपस्थिति को नज़रअंदाज़ करने लगे ,आपको सही समय पर दूर हटना सीखना चाहिए ।

"जब तक आप लोगो के लिए बंद किताब रहेंगे, लोग आपको उत्सुकता की निगाहो से देखते रहेंगे "

"As long as you are covered book,People will see towards you eagerly to know about your book's pages"



Monday, 2 May 2016

आज की मांग

बेशक तिरंगे में लिपट कर मरना गौरव की बात है, पर आज की मांग है  तिरंगे को दुश्मन के घर जाकर लहराएं

बेशक देशभक्त होना अच्छी बात है पर उससे भी बड़ी बात देशभक्ति जगाना है

सिनेमा घर में जन गन मन चलाना अच्छा है पर आज की मांग है की शहीदों के घर की पेरशानियों को हर सिनेमाघर कम से कम  २ मिनिट के लिए देिखायें

संस्कार फेसबुक में सजावट की चीज़ हो गए हैं उन्हें घर में इस्तेमाल करना सिखाए

बहुत हो चुका मदर्स डे के नाम पर सोशल मीडिया में दिखावा ,कम से काम एक वृद्धाश्रम में तो ताला लगवाएं

Leader

जिन्होंने तुम्हे अपना नेता मान लिया है उनके साथ चलने में क्या चुनौती ,,,,चुनौती उन्हें साथ लेकर  चलने में है जो तुम्हे अपना नेता ही न माने

There is no challenge to lead those who accepted you as a leader,  biggest challenge is to manage those who never accepted you as a lead.

विजय यात्रा कभी भी मित्रों को संतुष्ट करने का अभियान नहीं होती |
अपने दल में अयोग्य मित्र को चुनने से अच्छा है योग्य शत्रु चुन लो  |

Victory tour cannot be the campaign to satisfy your friends, better to chose capable enemy in your team rather than incapable friend.

मित्र अर्जित किये जाते ,बनाए नहीं जाते |

Friends are earned , not made.

Sunday, 1 May 2016

First step

If the person forgets to distinguish friends and enemies then it is pointing,his first step is lifted to collapse.

जब व्यक्ति मित्र और शत्रु में भेद करना भूल जाए तो समझ लेना चाहिए की उसने पतन की और अपना पहला पग उठा लिया है 

समझ (understanding)

सीमायें होती हैं समझ की  सबकी अपनी अपनी , हर बात समझाई नहीं जा सकती |

Everyone has his limit for his own understanding, Everything can not be explained